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कई मसलों पर जदयू और राजद साथ-साथ 

- December 21, 2021

बिहार में सरकार चला रही भाजपा की सहयोगी पार्टी जनता दल यू और राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद साथ साथ हैं। जितने मुद्दों पर जदयू और राजद में सहमति बन गई है उतने मुद्दों पर तो जदयू और भाजपा के बीच भी सहमति नहीं है। उलटे भाजपा के नेता जदयू की जिस मांग का विरोध कर रहे हैं, राजद की ओर से उसका भी समर्थन किया जा रहा है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इससे तत्काल कोई राजनीतिक समीकरण बन रहा है लेकिन आने वाले दिनों में किसी चमत्कार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। खास कर एनडीए में शामिल दो छोटी पार्टियों हम और वीआईपी के तेवर को देखने के बाद।

बहरहाल, जदयू और राजद में जाति जनगणना को लेकर पहले से सहमति थी। इस मसले पर नीतीश कुमार जब सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल लेकर प्रधानमंत्री से मिलने गए थे तो तेजस्वी यादव साथ थे। बाद में नीतीश कुमार ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल लेकर प्रधानमंत्री से मिलने के विचार का श्रेय तेजस्वी को ही दिया। जब केंद्र सरकार ने जाति जनगणना की बात नहीं मानी तो नीतीश कुमार ने एकतरफा ऐलान कर दिया और कहा कि राज्य सरकार जातियों की गिनती कराएगी और खुद उसका खर्च उठाएगी। इस पर राजद-जदयू साथ हैं और भाजपा विरोध में।

इसी तरह बिहार के विशेष राज्य के दर्जे का मामला है। नीतीश कुमार ने काफी पहले यह मुद्दा उठाया था लेकिन चार साल से उस पर चुप थे। अब उन्होंने फिर केंद्र सरकार से इसकी मांग की है तो राजद ने उनका साथ दिया है। भाजपा इसका भी विरोध कर रही है। नीतीश सरकार की उप मुख्यमंत्री और भाजपा की नेता रेणु देवी ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार विशेष राज्य से ज्यादा फंड बिहार को दे रही है इसलिए विशेष राज्य के दर्जे की जरूरत नहीं है।