42 views 10 sec 0 Comment

Sonu Kumar रातों-रात बन गए सोशल मीडिया स्टार, पर क्यूँ है उनकी शिक्षा पर तकरार

- May 22, 2022

बिहार के नालंदा जिले के 11 वर्षीय Sonu Kumar रातों-रात सोशल मीडिया स्टार बन गए. जिस बेबाकी से उन्होंने सीएम नीतीश कुमार के सामने अपनी समस्या रखी उसके बाद तो जैसे पूरी मीडिया इंडस्ट्री में हलचल सी मच गई. Sonu Kumar का वीडियो जमकर वायरल होने लगा और बड़े-बड़े न्यूज़ चैनल पुणे इंटरव्यू के लिए बुलाने लगे.

 बिहार की शिक्षा प्रणाली का पोल खोलने वाला Sonu Kumar है कौन?

परंतु सवाल यहां यह उठता है कि Sonu Kumar इतने वायरल हुए क्यूँ. दरअसल सोनू कुमार 11 वर्ष के छात्र है और खुद पांचवी में पढ़ते हैं. पढ़ने के अलावा अपने अंदर 35 बच्चों को भी पढ़ाते हैं. अपने से जूनियर 35 बच्चों को पढ़ा कर Sonu Kumar अपने घर का खर्चा निकालते हैं. सोनू का एक छोटा भाई भी है जिसे सोनू पढ़ा लिखा कर बड़ा इंसान बनाना चाहते हैं. के अलावा सोनू खुद भी पढ़ लिखकर आईएएस बनना चाहते है. सोनू के बात करने की शैली कुछ इस प्रकार है जैसे मानो कोई 11 वर्षीय बच्चा नहीं बल्कि बड़ा ऑफिसर बात कर रहा हो.

बिहार के शिक्षा प्रणाली का पोल खोलने वाला यह बच्चा आए दिन आपको टीवी में इंटरव्यू देता दिख जाएगा. जितना साफ इसका मन है उतनी ही साथ दिल्ली से यह शिक्षा प्रणाली की पोल खोलता है. सोनू का कहना है कि उनके स्कूल में एक दीपक सर है जिन्हें ठीक से किसी चीज का उच्चारण करना तक नहीं आता और इंग्लिश टीचर बनकर बैठे हुए हैं. यहां सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसे टीचर पास कैसे हो जाते हैं Exams मे. बिहार के कई सारे ऐसे स्कूल हैं जहां सेटिंग वाले टीचर ज्यादा देखने को मिलते हैं. किसी तरह घोष खिलाकर यह लोग टीचिंग लाइन में तो आ जाते हैं परंतु खुद बड़ी मुश्किल से पढ़ लिख पाते हैं तो बच्चे को क्या बनाएंगे.

क्या हैं sonu Kumar की मांग?

Sonu kumar ने जब से अपनी आवाज बुलंद की है हर कोई उन्हें पढ़ाने के लिए आगे आ रहा है, सीएम नीतीश कुमार ने आश्वासन दिया है कि उनका एडमिशन जल्दी किसी सैनिक स्कूल में करवा दिया जाएगा. वहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री रहे सुशील कुमार मोदी ने सोनू को 50,000 के सहयोग राशि दी और नवोदय विद्यालय में एडमिशन कराने की बात कही थी. इसके अलावा रहमान सर जो कि यूपीएससी की कोचिंग चलाते हैं उन्होंने भी सोनू का खर्चा उठाने की बात कही थी, एक्टर सोनू सिंह नेगी सोनू कुमार की एडमिशन बीटा के एक स्कूल में कराने की बात कही थी.

लेकिन अब यहां सवाल यह उठ रहा है कि हर कोई बस कह रहा है परंतु सोनू अभी तक स्कूल नहीं जा पाया है. सोनू का कहना है कि उन्हें एडमिशन सैनिक स्कूल में ही चाहिए. इसके अलावा सोनू यही चाहते हैं कि उनके जैसे दूसरे प्रतिभाशाली बच्चों का भविष्य बचाने के लिए बिहार की शिक्षा प्रणाली एक बार अच्छी तरह खंगाली जाए. सोनू चाहते हैं कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो जाए ताकि सरकारी स्कूलों में भी बच्चे पढ़ कर कुछ बड़ा कर सकें.

इसके साथ ही सोनू का यह सवाल ठीक-ठाक का देने वाला है कि सरकारी स्कूलों में नेताओं और आईएएस आईपीएस के बच्चे क्यों नहीं पढ़ते हमारे जैसे गरीब बच्चे ही क्यों पड़ते हैं. आपको जवाब मिल जाए तो हमें कमेंट में जरूर बताइएगा.

खान परिवार से क्यूँ करीबी रिश्ता बना रही है Shehnaaz Gill, खान परिवार की हर पार्टी मे कर रही शिरकत