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राजस्थान SI भर्ती 2021 पेपर लीक मामले में, आरोपियों ने एक बार फिर खटखटाया SC का दरवाज़ा

- May 20, 2024
राजस्थान SI भर्ती 2021 पेपर लीक मामले में, आरोपियों ने एक बार फिर खटखटाया SC का दरवाज़ा

राजस्थान SI भर्ती 2021 पेपर लीक मामले में, आरोपियों ने एक बार फिर खटखटाया SC का दरवाज़ा

एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में 11 ट्रेनी एसआई और एक कांस्टेबल सहित 12 आरोपियों ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. राजस्थान हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर इन आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसके चलते याचिकाकर्ता सुरेन्द्र कुमार, नरेश कुमार, राजेश्वरी सहित एसआई ने अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर करते हुए कहां है. कि हमारे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में हमें निचली अदालत से जमानत मिली थी, जिसे राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है।
बता दे आरोपियों का दवा है कि अनुच्छेद 14 और 21 के तहत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है और निचली अदालत द्वारा जमानत देने के आदेश को रद्द करने में न्यायिक त्रुटियाँ हुई हैं साथ ही उनका कहना है कि हमें न्याय मिलने की संभावना से वंचित किया जा रहा है।
अतः, हम सर्वोच्च न्यायालय से निवेदन करते हैं कि हमारी याचिका पर तत्काल सुनवाई कर हमें न्याय प्रदान करें और अंतरिम राहत के रूप में हमारी जमानत को बहाल करें।

 

बता दे जयपुर महानगर द्वितीय की मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (CMM) कोर्ट ने 12 अप्रैल 2021 को 11 ट्रेनी एसआई और एक कांस्टेबल को जमानत दे दी थी । जिसके बाद SOG यानि राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने जमानत मिलने के खिलाफ, राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल 2021 को इस जमानत पर अंतरिम रोक लगा दी। वहीं आरोपियों ने अंतरिम रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले को वापस राजस्थान हाईकोर्ट को भेजते हुए एक सप्ताह में सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए थे। राजस्थान हाईकोर्ट ने 8 मई 2021 को सुनवाई करते हुए ट्रेनी एसआई को निचली अदालत से मिली जमानत रद्द कर दी थी. जिसके बाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर, 12 आरोपियों ने अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा को जिम्मेदारी दी है। एक विशेष टीम भी इस मामले की पैरवी के लिए नियुक्त की गई है। वहीं आरोपियों को न्यायालय से राहत की उम्मीद है, जबकि राज्य सरकार और एसओजी इस मामले में सख्त कार्रवाई के पक्ष में हैं। अब सुप्रीम कोर्ट का निर्णय इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।