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अनिल चौधरी बोले सीबीआई जांच के डर से अरविन्द केजरीवाल नई आबकारी नीति को वापस लेने को मजबूर है

- 30 July 2022

अनिल चौधरी बोले सीबीआई जांच के डर से अरविन्द केजरीवाल नई आबकारी नीति को वापस लेने को मजबूर है

केजरीवाल युवाओं को रोजगार देने की जगह शराब की ओर अग्रसर करके शहीद भगत सिंह के नाम पर गलत राजनीति कर रहे है।- चौ0 अनिल कुमार

नई शराब नीति बनाने से पूर्व मनीष सिसोदिया मंत्री पद से बर्खास्त करें, मुख्यमंत्री केजरीवाल – चौ0 अनिल कुमार

रिपोर्ट: रवि डालमिया

नई दिल्ली, 30 जुलाई, 2022 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि अपने आप को भगत सिंह की औलाद कहने वाले मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने राजधानी को नशे की आग में झोकने के बाद जांच के डर से जनविरोधी नई आबकारी नीति को वापस लेने के लिए मजबूर इसलिए होना पड़ा कि क्योंकि दिल्ली कांग्रेस पहले दिन से ही केजरीवाल सरकार द्वारा जबरन थोपी गई शराब नीति के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है जिसके परिणाम स्वरुप दिल्ली के उपराज्यपाल ने शराब नीति में हुए हजारों करोड़ भ्रष्टाचार की सीबीआई द्वारा जांच की सिफारिश की गई। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केजरीवाल युवाओं को रोजगार देने की जगह शराब की ओर अग्रसर करके शहीद भगत सिंह के नाम पर गलत राजनीति कर रहे है।

प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के साथ पूर्व मंत्री डा0 नरेन्द्र नाथ, पूर्व विधायक विजय लोचव और कम्युनिकेशन विभाग के वाईस चेयरमैन अनुज आत्रेय भी मौजूद थे।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि उपराज्यपाल द्वारा नई आबकारी नीति को लागू करने में हुए भ्रष्टाचार की जांच की सिफारिश का प्रदेश कांग्रेस स्वागत करती है। प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि सरकार द्वारा 6 महीने में नई शराब नीति दोबारा बनाने से पहले अरविन्द केजरीवाल उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से इस्तीफा ले। यदि फिर मनीष सिसोदिया ही शराब नीति को दिल्ली के लिए बनाने में घोटाला नही होगा इसकी क्या गारंटी है? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की उपराज्यपाल के साथ मीटिंग में शराब नीति को वापस लेने की चर्चा इसलिए हुइ क्यांकि केजरीवाल जेल बचाने की कोशिश कर रहे है, परंतु हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार की जांच के बाद मनीष सिसोदिया का जेल जाना तय है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस ने नई शराब नीति का विरोध भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए जन जागरण पोल-खोल अभियान 70 विधानसभाओं और 272 वार्डों में चलाया गया। इसके साथ हर स्तर पर उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर शराब नीति में हुए भ्रष्टाचार से आगाह किया परंतु मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने हमेशा इसे नजरअंदाज किया और शराब माफिया दीप मल्होत्रा की शैल कम्पनियों को नियमां को ताक पर राजधानी भर में शराब के ठेके आवंटित कर दिए गए। उन्होंने कहा कि शराब बनाने वाले, शराब सप्लाई करने वाले और शराब को ठेकों के द्वारा लोगों तक पहुॅचाने वाले दीप मल्होत्रा को ही दिल्ली में शराब का कारोबार सौंपकर दिल्ली सरकार हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार किया गया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के लगभग 80 प्रतिशत मंत्री जेल जा चुके हो, आधे से अधिक विधायकों पर भ्रष्टाचार, रेप और आपराधिक मुकद्में दर्ज हो चुके है इसलिए कट्टर बेईमान पार्टी है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि मनीष सिसोदिया द्वारा कहना कि 2015 के बाद कोई दुकान नही खोली गई पूरी तरह झूठ है जबकि पूरी दिल्ली में नई शराब नीति लाकर 420 नई दुकाने खोली गई। यहां तक 18 नॉन-कन्फर्मिंग क्षेत्र वाली जिन विधानसभाओं में सिर्फ 5 शराब की दुकाने थी वहां 216 शराब के ठेके खोल दिए और होटल क्लब, रेस्टोरैंट श्रेणी के 201 नए शराब की दुकानों का लाईसेंस दिया गया। उन्होंने कहा कि राजधानी में शराब की बिक्री दुगनी से भी अधिक होने के बावजूद वर्ष 2017-18 और 2021-22 के दौरान राजस्व में 567.98 करोड़ की कमी आना दिल्ली सरकार की विफलताओं और शराब माफिया को नई शराब नीति के तहत हर संभव छूट देने का कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में शराब नीति लागू आम आदमी पार्टी और भाजपा की आम सहमति से हुई थी क्योंकि आज तक विधानसभा में भाजपा के एक भी विधायक ने कभी विरोध दर्ज नही कराया तथा तत्कालीन उपराज्यपाल द्वारा लागू नई आबकारी नीति के समय भी भाजपा ने कोई विरोध दर्ज नही कराया जबकि कांग्रेस पहले दिन से केजरीवाल की जन विरोधी नीति पर आपत्ति दर्ज कराती आ रही है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल की बेहतर शिक्षा व्यवस्था पर लगातार घोषणाओं के बाद आखिर साबित हो गया कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर दिन पर दिन गिरता जा रहा है क्योंकि सरकारी स्कूलों के छात्रों का 10वीं का परिणाम जहां हमेशा टाप-10 के अंदर रहता था, इस वर्ष दिल्ली टाप-10 से बाहर होकर परिणाम में अंतिम पायदान दिखी। उन्होंने कहा कि अरविन्द केजरीवाल का दूसरे राज्यों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था का बखान करना बेमानी है।