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एक ही परिवार के कई लोगों को नौकरी का साझा देकर की हज़ारो की ठगी

- June 6, 2022

एक ही परिवार के कई लोगों को नौकरी का साझा देकर की हज़ारो की ठगी

नगर संवाददाता

एक ही परिवार के कई लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने एनडीएमसी से एमसीडी और बैंक तक में, जहां चाहो, वहां नौकरी दिलाने का झांसा दिया। फिर रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे हजारों रुपये वसूल लिए। इतना ही नहीं, इसके बदले नकली अपॉइंटमेंट लेटर भी थमा दिए। मामले में क्राइम ब्रांच ने पीड़ित अंकित शर्मा (26) के बयान पर धोखाधड़ी समेत विभिन्न संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश जारी है।

फिलहाल बेरोजगार अंकित परिवार समेत पालव गांव में रहते हैं। परिवार में मां, बड़ा भाई, दो शादीशुदा बहनें व अन्य परिजन हैं। भाई एयरपोर्ट पर पार्किंग में काम करते हैं और मां की पेंशन आती है, जिससे घर चलता है। अंकित, उनका भाई जतिन शर्मा, बहनोई सुशील कुमार और दोस्त दीपक, चारों ने कई बार सरकारी नौकरी के लिए फॉर्म भरा, मगर नौकरी नहीं लगी।

आरोप है कि इस बीच बहन की जेठानी ने उन्हें कहा अगर सरकारी नौकरी लगवानी है, तो उसके दो जानकार यह काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ने कई लोगों की नौकरी लगवाई है। ऐसे में ये लोग दोनों से मिलने को तैयार हो गए। जब मुलाकात हुई तो दोनों ने कहा हमारे पास काफी नौकरियां हैं। एनडीएमसी, एमसीडी और बैंक आदि में जहां चाहे वहां नौकरी ले लो।

कुछ समय बाद एक आरोपी ने अंकित की मां से फोन पर कहा एनडीएमसी में कई पोस्ट पर नौकरियां निकली हैं। एक नौकरी के बदले दस लाख रुपये की डिमांड हुई। वह रुपये देने को तैयार भी हो गए। आरोपी ने एनडीएमसी ऑफिस के बाहर पीड़ित को दस्तावेज देने के लिए बुलाया। वह पहुंचा, तो वहां तीसरा लड़का वहां दस्तावेज लेने आया।

कोई आईएएस बनकर भी मिला

एक आरोपी ने इसके बाद पीड़ितों को एक ऐसे शख्स से भी मिलवाया, जिसने खुद को एनडीएमसी का अधिकारी बताया। एक बार उसने भी अंकित की मां को फोन कर पूछा कि मुख्य आरोपी ने एक नौकरी के लिए उनसे कितने रुपये मांगे हैं। इसके बाद आरोपी ने चारों के रजिस्ट्रेशन के नाम पर 20-20 हजार रुपये मांगे। पीड़ितों ने मार्च 2022 में कई बार आरोपी को 80 हजार रुपये से ज्यादा रकम ट्रांसफर की।

मई में ही जारी कर दिया जून की डेट का फर्जी लेटर

27 मई को आरोपी ने पीड़ितों को वॉट्सेप पर अपॉइंटमेंट लेटर भेजा। मगर उनका सिर तब चकरा गया, जब उन्होंने लेटर के जारी होने की तारीख देखी। किसी के लेटर पर 7, किसी पर 8, तो किसी के लेटर पर 10 जून की तारीख थी। पीड़ित ने एनडीएमसी से लेटर की जांच करवाई तो पता चला वो सभी फर्जी हैं। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की। रविवार को क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया।