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Kanwar Yatra 2022: दो सगे भाई अपने दिव्यांग भाई और मां को पालकी में करा रहे कांवड़ यात्रा

- 16 July 2022

Kanwar Yatra 2022: दो सगे भाई अपने दिव्यांग भाई और मां को पालकी में करा रहे कांवड़ यात्रा

रिपोर्ट: सलमान मलिक

रुड़की: कोरोना काल के दो साल के लंबे अंतराल के बाद इस बार कावड़ यात्रा सुचारू रूप से शुरू हो चुकी है, वहीं धर्म नगरी हरिद्वार शिव भक्तों की आस्था और भोले नाथ के जयकारों से गूंज उठी, उसी आस्था के साथ बुलंदशहर निवासी श्रवण और राजेश अपने दिव्यांग भाई रमेश और मां सावित्री देवी को पालकी में कांवड़ यात्रा कराकर सेवा करने का संदेश दे रहे हैं, दरअसल आज के समय में मां और भाई के लिए इतना प्रेम बहुत कम देखने को मिलता है।

दोनों भाईयों की एक ही मन्नत थी

बता दें, 11 जुलाई को हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान करने के बाद गंगाजल भरकर पालकी में दिव्यांग भाई और अपनी वृद्ध मां को उसमें बैठा दिया, इसके बाद दोनो भाईयों ने अपने दिव्यांग भाई और वृद्ध मां को पालकी से कंधे पर उठाकर हरिद्वार से बुलंदशहर तक की यात्रा पर निकल गए, शुक्रवार को दोनो भाई रुड़की के मंगलौर पहुंचे जहां पर उन्होंने विश्राम किया, बताते चलें कि हरिद्वार से बुलंदशहर की दूरी 250 किलोमीटर है, लेकिन भगवान शंकर के प्रति दोनो भाईयों की आस्था ने दिव्यांग भाई और बूढी मां की सेवा का संदेश दिया है, वहीं दोनो भाईयों का कहना है कि दोनों भाई इस साल दूसरी बार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं, दोनों भाईयों की एक ही मन्नत थी कि अपने दिव्यांग भाई और वृद्ध मां को कंधे पर बैठाकर कांवड़ यात्रा कराए जो आज भगवान शिवशंकर ने यह मन्नत इस वर्ष पूरी कर दी।

दिव्यांग भाई और अपनी मां को कराइ पालकी में कांवर यात्रा

इस दौरान श्रवण ने बताया कि पिछली बार जब मैं कावड़ लेकर आया था तो मैंने एक हरियाणा के लड़के को उसके माता पिता को इसी तरह ले जाते हुए देखा था तो मुझ में भी जुनून जागा और में अपने दिव्यांग भाई और अपनी मां को लेकर आ गया।