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शीला दीक्षित सरकार ने कांग्रेस मॉडल के तहत बिजली सब्सिडी योजना शुरु की, केजरीवाल बंद करने की तैयारी में-अनिल कुमार

- 16 September 2022

शीला दीक्षित सरकार ने कांग्रेस मॉडल के तहत बिजली सब्सिडी योजना शुरु की, केजरीवाल बंद करने की तैयारी में-अनिल कुमार

रिपोर्ट: जगजीत सिंह

नई दिल्ली, 15 सितम्बर, 2022 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा बिजली सब्सिडी पर यू-टर्न का बयान दिल्ली वालों के साथ धोखा है। केजरीवाल ने बिजली बिलों पर सब्सिडी खत्म करने की घोषणा मोदी सरकार द्वारा एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी खत्म करने की तर्ज पर की है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार रसोई गैस पर सब्सिडी आई.वी.आर. के माध्यम से बंद कर दी और केजरीवाल द्वारा बिजली सब्सिडी मिस कॉल और व्हाट्सएप्प के माध्यम से बंद करने की दूरगामी योजना लेकर आए है। जिसका सीधा प्रभाव गरीब,जे.जे. कलस्टर और मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ेगा जिनको पूरा 200 यूनिट की सब्सिडी मिलती थी।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल अवसरवादी राजनीति से प्रेरित होकर दिल्ली में 200 यूनिट बिजली की सब्सिडी को खत्म कर रहे है जबकि दूसरे चुनावी राज्यों में 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने की लुभावनी घोषणा कर रहे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार जहां जनता को अधिक से अधिक सब्सिडी दी थी, सब्सिडी को सीधा जनता के खाते में डालने के लिए तकनीक उपलब्ध होते ही डीबीटी योजना लेकर योजना आए। कांग्रेस सीधे जनता के खाते में सीधा सब्सिडी देने की बात करती है वहीं केजरीवाल बिजली कंपनियों को दे रही है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने सब्सिडी के नाम पर दिल्ली की जनता को लूटा है और 2015-2016 से 2020-2021 के बीच जनता को दी जाने वाली सब्सिडी की 11,743 करोड़ की राशि सीधा बिजली कम्पनियों को दी गई और जनता से फिक्स जार्च, पीपीएसी, आर.ए. सरचार्ज, बिजली टैक्स और पेन्शन ट्रस्ट के नाम पर 37,227 करोड़ रुपये अतिरिक्त राशि के रुप में जनता को लूटा है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान सस्ती बिजली खरीदकर जनता को सस्ती बिजली मुहैया कराई और औद्योगिक इंकाईयों को सस्ती बिजली उपल्बध कराई ताकि अधिक से अधिक रोजगार दिल्लीवालों को मिले, पेंशन ट्रस्ट टैक्स के नाम पर जनता से कोई कर नही वसूला। इसके उलट केजरीवाल सरकार ने 2017-18 से 2020-2021 के बीच 2677 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं से पेंशन ट्रस्ट के नाम पर अतिरिक्त वसूले, जबकि केजरीवाल सरकार इंडस्ट्री को 11 रुपये प्रति यूनिट की दर से महंगी बिजली दे रहे है जिससे इंडस्ट्री समीप राज्यों में स्थानांतरित हो रही है जिससे रोजगार भी खत्म हो रहे है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का सिर्फ एक मकसद है कि चुनाव में वोट के लिए कुछ भी वादा करो, बाद में पलट जाओ, केजरीवाल हर कीमत पर सत्ता हथियाना चाहते है जिसका जीता जागता उदाहरण दिल्ली और पंजाब है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली की जनता को कोरोना जैसे मुश्किल समय में आर्थिक मदद की, जबकि केजरीवाल सरकार का कोविड दौरान दिल्ली की जनता के साथ बेरुखी और असंवेदनशील व्यवहार सभी ने देखा था, जिस पर दिल्ली कांग्रेस ने सवाल भी उठाए थे। उन्होंने कहा कि कोविड काल में केजरीवाल सरकार ने शराब माफिया को 144 करोड़ रुपये की छूट तो दी परंतु गरीब दिल्लीवासियों, छोटे-मध्यम व्यापारियों को बिजली बिल में राहत नही दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली ने केजरीवाल को 3 बार मुख्यमंत्री बनाया उसके बावजूद भी 200 यूनिट बिजली सब्सिडी को खत्म करने जा रहे है और जहां सरकार नहीं है वहां उन राज्यों के मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए 300 यूनिट बिजली फ्री देने की घोषणा कर रहे है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लाखों उपभोक्ताओं से बिजली बिलों पर करोड़ों रुपये फिक्स चार्ज के रुप में 8 वर्षों से लूट रहे है।