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गुरु पूर्णिमा 2022: जाने तिथि, महुरत,महत्व और गुरु की विशेषताएँ

- 12 July 2022

गुरु पूर्णिमा 2022: जाने तिथि, महुरत,महत्व और गुरु की विशेषताएँ

Devotional | Ann News

आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा भी कहा जाता है. ज्योतिषी कहते हैं कि गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु के आशीर्वाद से धन-संपत्ति, सुख-शांति और वैभव का वरदान पाया जा सकता है. इस साल गुरु पूर्णिमा का पर्व 13 जुलाई को मनाया जाएगा. रुचक, भद्र, हंस और शश नाम के चार विशेष योग इस बार गुरु पूर्णिमा को खास बना रहे हैं.

गुरु पूर्णिमा का महत्व

हिंदू धर्म की मान्यताएं के अनुसार, आषाढ़ माह की पूर्णिमा पर महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं. इस दिन से ऋतु परिवर्तन भी होता है. इस दिन शिष्य अपने गुरु की विशेष पूजा करते हैं. लोग अपने गुरु को यथाशक्ति दक्षिणा, पुष्प, वस्त्र आदि भेंट करते हैं. इस दिन शिष्य अपने सारे अवगुणों का त्याग भी करते हैं.

गुरु का महत्व

हम लोग शिक्षा प्रदान करने वाले को ही गुरु समझते हैं, लेकिन वास्तव में ज्ञान देने वाला शिक्षक बहुत आंशिक अर्थों में गुरु होता है. गुरु होने की तमाम शर्तें बताई गई हैं जिसमें 13 शर्तें प्रमुख हैं. शांत, दान्त, कुलीन, विनीत, शुद्धवेषवाह, शुद्धाचारी, सुप्रतिष्ठित, शुचिर्दक्ष, सुबुद्धि, आश्रमी, ध्याननिष्ठ, तंत्र-मंत्र विशारद और निग्रह- अनुग्रह. गुरु की प्राप्ति होने के बाद प्रयास करना चाहिए कि उसके दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए.

गुरु पूर्णिमा तिथि व शुभ मुहूर्त

आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस साल गुरु पूर्णिमा 13 जुलाई 2022 को मनाई जाएगी. गुरु पूर्णिमा तिथि 13 जुलाई को सुबह 4 बजे प्रारंभ होगी और 14 जुलाई को रात 12 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी.

गुरु पूर्णिमा पर प्रात: काल से ही इंद्र योग बन रहा है जो कि दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा. जबकि रात 11 बजकर 18 मिनट तक पूर्वाषाढा नक्षत्र रहेगा. ये दोनों ही योग मांगलिक कार्यों के लिए काफी शुभ हैं.