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How to reduce stress: टेंशन और तनाव को दूर करने का रामबाण इलाज

- 12 August 2022

How to reduce stress: टेंशन और तनाव को दूर करने का रामबाण इलाज

Health Desk | ANN NEWS

आज कल इस भागदौड़ की दुनिया में ,लोगो के पास इतना समय ही नहीं है की वो अपने सेहत का ध्यान रखपाए । आज कल का समय ऐसा हो गया है की बड़े से लेकर छोटे बच्चे भी डिप्रेशन का शिकार हो जाता है और उन्हें अहसास भी नही होता की वो किसी बीमारी को झेल रहे है ऐसे में इस बात को ध्यान रखते हुए ,आज आपको ऐसी 5 योग बताएंगे जिन्हें करने से आप तनाव मुक्त हो जाएंगे ।

योग

योग करना हमारे हमारे जीवन के लिए बहुत ही फायदेमंद है । योग सिर्फ अपनी पर्सनैलिटी को अच्छा बनने के लिए ही नहीं बल्कि खुद को स्वस्थ और बीमारी मुक्त बनाने के लिए भी किया जाता है।

5 योग जिन्हें करने से हो सकती है आपकी दुविधा दूर

बालासन

शरीर को उसी स्थिति में ले जाता है, जिस स्थिति में माता के गर्भ में होता है। मां के गर्भ में रहकर बच्चा जिस स्थिति में 9 महीने तक जन्म लेने का इंतजार करता है। बालासन करते हुए योगी शरीर को उसी स्थिति में ले जाता है।
बालासन, साधारण कठिनाई या बेसिक लेवल का आसन है। इसे विन्यास योग की शैली का आसन माना जाता है। बालासन का अभ्यास 1 से 3 मिनट तक किया जाना चाहिए। इसे करने में किसी किस्म के दोहराव की आवश्यकता नहीं होती है।

सुखासन

सुखासन को किसी भी उम्र और लेवल के योगी कर सकते हैं। बैठकर किया जाने वाला सुखासन सरल होने के साथ ही उपयोगी भी है। इस आसन के अभ्यास से घुटनों और टखने में खिंचाव आता है। इसके अलावा ये पीठ को भी मजबूत करने में मदद करता है।

सुखासन, स्ट्रेस और डिप्रेशन जैसे कई रोगों को दूर करने में भी मदद करता है। कई मानसिक और शारीरिक बीमारियां भी इसके नियमित अभ्यास से ठीक होती देखी गईं हैं। इसके नियमित अभ्यास से चक्र और कुंडलिनी जागरण में भी मदद मिलती है।

उत्तानासन

मध्यम कठिनाई वाला हठ योग की शैली का आसन है। इसे करने की अवधि 15 से 30 सेकेंड के बीच होनी चाहिए। इसमें किसी दोहराव की आवश्यकता नहीं होती है। उत्तानासन के अभ्यास से हिप्स, हैमस्ट्रिंग, और काव्स पर खिंचाव आता है जबकि घुटने और जांघें मजबूत हो जाती हैं।

इसके अलावा, उत्तानासन के अभ्यास के समय दिमाग दिल से नीचे होता है। ब्रेन में रक्त संचार बढ़ने के कारण ये दिमाग को शांत करता है और एंग्जाइटी से राहत देता है। सिरदर्द और इंसोम्निया की समस्या होने पर भी इसका अभ्यास आराम देता है।

हलासन

साधारण कठिनाई या बेसिक लेवल का आसन है। इसे हठ योग की शैली का आसन माना जाता है। हलासन का अभ्यास 30 से 60 सेकेंड तक किया जाना चाहिए। इसे करने में किसी किस्म के दोहराव की आवश्यकता नहीं होती है।

हलासन के अभ्यास के समय दोनों टांगों पीछे यानी सिर की तरफ होती हैं। इससे पूरे श्वसन तंत्र को बेहतरीन मसाज मिलती है। ये आसन भावनात्मक चोटों से कमजोर हुई याददाश्त वाले लोगों के लिए रामबाण की तरह है। इसके नियमित अभ्यास से स्ट्रेस जैसी समस्याओं से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है

शवासन

आम धारणा है कि शवासन बेहद सरल आसन है। जबकि हकीकत ये है कि शवासन योग विज्ञान के सबसे कठिन आसनों में से एक है। ये आसन देखने में बेहद सरल लगता है लेकिन इसमें सिर्फ लेटना ही नहीं होता है बल्कि अपने मन की भावनाओं और शरीर की थकान दोनों पर एक साथ नियंत्रण पाना होता है।

शवासन को योगा सेशन के बाद किया जाता है। इसे करने से डीप हीलिंग के साथ ही शरीर को गहरे तक आराम भी मिलता है। इस आसन को तब भी किया जा सकता है जब आप बुरी तरह से थके हों और आपको थोड़ी ही देर में वापस काम पर लौटना हो। शवासन का अभ्यास न सिर्फ आपको ताजगी ​बल्कि ऊर्जा भी देगा।