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चौ. अनिल कुमार बोले,घोटालेबाज मनीष सिसोदिया को दिल्ली कैबिनेट से तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए-

- 28 August 2022

चौ. अनिल कुमार बोले,घोटालेबाज मनीष सिसोदिया को दिल्ली कैबिनेट से तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए-

रिपोर्ट: जगजीत सिंह

नई दिल्ली, 28 अगस्त, 2022- दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में केजरीवाल सरकार ने नई शराब नीति के कार्यान्वयन में हुए भारी भ्रष्टाचार के बारे में किसी भी सवाल का जबाव नहीं दिया बल्कि सत्र का समय ही नष्ट किया। उन्होंने कहा कि 29 अगस्त को एक बार फिर सत्र बुलाया गया है और आशा है कि इस बार केजरीवाल दिल्ली विधानसभा सत्र के कीमती समय को नष्ट नहीं करेंगे और भ्रष्टाचार से जुड़े हर सवाल का सही-सही जबाव देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया शराब सौदों में भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त नहीं हो जाते, तब तक उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सीबीआई जांच निष्पक्ष तरीके से हो।

 

उन्होंने कहा कि विधानसभा के विशेष सत्र में भाजपा विधायकों के निलंबन के बाद सिसोदिया और केजरीवाल ने “शिक्षा और स्वास्थ्य के दिल्ली मॉडल” के बारे में झूठा व्याख्यान किया हालांकि दिल्ली के लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि ऐसा कोई मॉडल मौजूद नहीं हैं, क्योंकि दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में दिल्ली सरकार के स्कूली छात्रों की सफलता की गिरती दर और कोविड -19 महामारी के दौरान दिल्लीवासियों की उचित चिकित्सा देखभाल की कमी के कारण हजारों लोगों की मृत्यु से स्थिति स्पष्ट है । उन्होंने कहा कि “मोहल्ला क्लीनिक” का न तो कोविड परीक्षण करने में और न ही कोविड के टीकाकरण में कोई फायदा है।

 

 

चौ. अनिल कुमार ने कहा कि सिसोदिया ने विधानसभा में अपने लंबे भाषण में शराब घोटाले के पीछे भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कोई जबाव नहीं दिया और न ही उन्होंने यह जबाव दिया कि राजधानी में नए शराब सौदें का व्यापार पूरी तरह से कैसे हुआ? उन्होंने कहा कि निजी ठैकेदारों और शराब माफियाओं से रिश्वत लेने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर निजी ठैकेदारों और शराब माफिया ने नॉन-कन्फर्मिंग वाले क्षेत्रों में ठेके खोलकर अपनी मर्जी से शराब व्यापार चलाया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने शराब सौदे के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से खुद को दूर रखा और उस काम को सिसोदिया पर छोड़ दिया जिसके कारण सिसोदिया सीबीआई के सिकंजे मे आ गए, जिससे उनकी गिरफ्तारी और जेल जाने का मार्ग लगभग तय हो गया है।

 

चौ. अनिल कुमार ने कहा कि कल विधानसभा के विशेष सत्र में शराब घोटालों, मुख्यमंत्री केजरीवाल के हस्ताक्षर न होने वाली 47 महत्वपूर्ण फाइलों को उपराज्यपाल द्वारा लौजाए जाने और सरकारी स्कूलों में क्लास रूम बनाने में घोटाले पर सीवीसी (केंद्रीय सतर्कता आयोग) की जांच रिपोर्ट कार्रवाई में देरी पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया जिसने सरकारी स्कूलों में कक्षों के निर्माण में अनियमितताएं की और घोर भ्रष्टाचर किया हैं उसकी पूर्णतया निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाही की जानी चाहिए।

 

चौ. अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल ने जानबूझकर विधानसभा में ऐसी स्थिति पैदा की जिसके परिणामस्वरूप भाजपा के 8 विधायकों को सत्र से निलंबित कर दिया गया, क्योंकि शराब घोटाले में भाजपा विधायकों का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सोमवार के सत्र में केजरीवाल सरकार को शराब घोटाले के बारे में सही तथ्य सामने लाने के लिए बाध्य करना चाहिए, और सिसोदिया का इस्तीफा मांगना चाहिए, अन्यथा, यह सत्र भी एक बड़ा दिखावा होगा।

 

चौ. अनिल कुमार ने कहा कि सिसोदिया ने विधानसभा को झूठ बताया कि 700 नए स्कूल बनाए गए, हालांकि सच्चाई यह है कि कई सरकारी स्कूल या तो बंद कर दिए गए या अन्य स्कूलों में विलय कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जबकि हकिकत यह है कि केजरीवाल सरकार ने अपने अधीन 12 कॉलेजों में कर्मचारियों को वेतन नहीं दे सकी। उन्होंने कहा कि सिसोदिया और केजरीवाल ने स्कूलों में कक्षों के निर्माण में बड़ा कमीशन खया है, जिसका उल्लेख सीवीसी की रिपोर्ट में किया गया है, और इन सभी मुद्दों पर कल विशेष सत्र में चर्चा की जानी चाहिए न कि सत्र का कीमती समय नष्ट करने के लिए।