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इण्डिया जीआई फेयर-2022’’का आयोजन,चन्दन रामदास द्वारा राज्य पैवेलियन का अवलोकन किया गया

- 28 August 2022

इण्डिया जीआई फेयर-2022’’का आयोजन,चन्दन रामदास द्वारा राज्य पैवेलियन का अवलोकन किया गया

रिपोर्ट: जगजीत सिंह

भौगोलिक विविधता को बढ़ावा देने और विष्व बाजार में भारत के जीआई टैग उत्पादों की ब्राण्ड छवि बनाने के लिये भारत के सभी राज्यों से जीआई उत्पादों/षिल्प से सम्बन्धित मेले‘‘इण्डिया जीआई फेयर-2022’’का आयोजन एक्सपोर्ट प्रमोषन काउन्सिल फॉर हैण्डीक्राफ्ट्स, नई दिल्लीद्वारा दिनांकः 26 से 28 अगस्त, 2022 को इण्डिया एक्सपो सेन्टर एण्ड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में किया जा रहा है। इसका उद्घाटन दिनांकः 26 अगस्त, 2022 को श्री यू0पी0 सिंह, सचिव, टैक्सटाईल, भारत सरकार द्वारा किया गया। आज दिनांकः 27 अगस्त, 2022 को मेले के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के मा0 मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, समाज कल्याण, परिवहन, अल्पसंख्यक कल्याण, खादी एवं ग्रामोद्योग, उत्तराखंड सरकार श्री चन्दन रामदास जी थे।

मा0 मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, समाज कल्याण, परिवहन, अल्पसंख्यक कल्याण, खादी एवं ग्रामोद्योग, उत्तराखंड सरकार श्री चन्दन रामदास द्वारा राज्य पैवेलियन का अवलोकन किया गया, साथ ही मा0 मंत्री जी द्वारा अन्य राज्यों के भी पैवेलियन का भ्रमण किया गया।मा0 मंत्री जी द्वारा राज्य पैवेलियन में प्रदर्षित किये जा रहे जीआई टैग उत्पादों की सराहना की गयी।

2. भौगोलिक संकेतांक(जीआई) टैग, विषिश्ट भौगोलिक उत्पादों के पहचान को प्रतिश्ठित करने वाला चिन्ह् है। देष में जीआई टैग के लिये लगभग 390 से अधिक उत्पादों को पंजीकृत किया गया है, जिसमें से 200 से अधिक उत्पाद हथकरघा व हस्तषिल्प से सम्बन्धित है।

मा0 मंत्री जी द्वारा इस अवसर पर कहा गया कि इस प्रकार के मेले से हमारी सामूहिक बौद्धिक विरासत और लोकाचार के संरक्षण के साथ ही इसकी वैष्विक स्तर पर पहचान भी बनेगी।

3. मा0 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जी ने बताया कि उत्तराखंड राज्य के 07 उत्पादों उत्तराखंड भोटिया दन, उत्तराखंड ऐंपण, उत्तराखंड रिंगाल क्राफ्ट, उत्तराखंड टम्टा उत्पाद, उत्तराखंड थुलमा, कुमाऊँ च्यूरा ऑयल एवं मुनस्यारी राजमा) को जीआई टैग प्राप्त होने के बाद इसकी विषिश्ट पहचान पूरे भारत में ही नहीं, अपितु पूरे विष्व में इन उत्पादों की एक पहचान होगी। अब इन उत्पादों की मार्केट में ब्रान्डिंग बढ़ने से अधिक डिमाण्ड बढ़ेगी तथा उनको अच्छा मूल्य प्राप्त होगा, जिससे इन उत्पादों से जुड़े हुये उत्पादक सीधे-सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य उत्पादों(जैसे मोमबत्ती, कुमाऊँनी रंगवाली पिछौड़ा, उत्तराखंड पंखी, चमोली वूडन रम्माण मास्क, उत्तराखंड लिखाई-वूड कार्विंग क्राफ्ट, नेटल फाइबर आदि) का भी जीआई टैग किये जाने का कार्य गतिमान है।

4. इस आयोजन में उत्तराखंड राज्य से उत्तराखंड ऐंपण, उत्तराखंड टम्टा उत्पाद, उत्तराखंड भोटिया दन, उत्तराखंड रिंगाल क्राफ्ट उत्पाद, हिमाद्रि इम्पोरियम(यूएचएचडीसी),

नयना देवी ग्रोथ सेन्टर, उल्का निधि स्वायत् सहकारिता, पिथौरागढ़, दलीप मेटल वर्क्स, बागेष्वर, एकता आर्य-एकान्कृत ऑफिषियल सहित 16 षिल्पियों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है।

5. इस अवसर पर श्री मृत्युजंय सिंह, संयुक्त निदेषक उद्योग, उद्योग निदेषालय, उत्तराखंड , श्री विपिन कुमार, महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र, हल्द्वानी, श्री के0सी0 चमोली, मुख्य लेखा परीक्षक, उद्योग निदेषालय, ईपीसीएच के अधिकारी तथा राज्य के षिल्पी एवं कृशक व विभागीय अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।