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डीसीडब्लू चीफ ने डीसीपी साउथ को लिखी चिट्ठी, रेप मामले के बारे में मांगी डिटेल जानकारी 

- 23 August 2023

डीसीडब्लू चीफ ने डीसीपी साउथ को लिखी चिट्ठी, रेप मामले के बारे में मांगी डिटेल जानकारी 

स्वाति मालीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी में कहा है कि डीसीडब्लू ने रेप मामले की जांच शुरू की है. दिल्ली पुलिस से इस मामले में डिटेल जानकारी मांगी है.

दिल्ली सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा एक नाबालिग लड़की का रेप करने का मामला सामने आने के बाद से सुर्खियों में है. इस मामले में आरोपी अधिकारी और उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद भी यह मामला शांत नहीं हुआ है. अब दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने डीसीपी साउथ डिस्ट्रिक्ट को पत्र लिखकर दिल्ली सरकार के एक आधिकारी द्वारा मित्र की नाबालिग बेटी से रेप के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के बारे में पूरी जानकारी डिटेल में मुहैया कराने को कहा है.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली सरकार के एक महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी द्वारा 16 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार के मामले में माननीय केंद्रीय मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा था. उन्होंने अपने पत्र में बताया था कि दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में तैनात एक अधिकारी ने 16 साल की लड़की के साथ बलात्कार किया था. आयोग ने मामले में जांच शुरू की है और दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार दोनों को नोटिस जारी कर डिटेल जानकारी मांगी. आयोग इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहती है.

मालीवाल ने शाह से की हस्तक्षेप की अपील

बता दें कि दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने उस निजी अस्पताल का भी दौरा किया था जहां वर्तमान में लड़की का इलाज चल रहा है. वह उचित सहायता, चिकित्सा उपचार, मुआवजा और कानूनी सहायता सुनिश्चित करने के लिए पीड़िता से मिलना चाहती थीं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी. उसके बाद वो अस्पताल के बाहर ही धरने पर बैठ गई थी. पीड़िता से मिलने की इजाजत न देने पर दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस और अस्पताल अधिकारियों द्वारा शक्ति का दुरुपयोग करार दिया, उन्होंने आरोप लगाया है कि इस मामले में पुलिस ने उनके कामकाज में रूकावट डाली है. केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे अपने पत्र में दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष ने इस मामले में हस्तक्षेप करने और अधिकारियों को पीड़िता या उसकी मां से मिलने की अनुमति देने का निर्देश देने का अनुरोध किया है.